Monday, September 6, 2010

अनुभूति

पढ़ने के साथ ही मुझे लिखना भी अच्छा लगता रहा है | किंतु बहुत दिनों से मैंने कुछ खास नहीं लिखा, मेरे बहुत से विचार पन्नों ने सहेज कर रक्खे है और उससे भी ज्यादा कोरी कल्पनाओ तक सीमित रहे |ब्लॉग के जरिए दूसरों को पढ़ने और स्वयं के विचार व्यक्त करने का अवसर सुखद है |

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